पुष्य नक्षत्र 27 नक्षत्रो का राजा पुष्य नक्षत्र में बरसेगा धन ,क्या खरीदें ,कब खरीदें पुष्य नक्षत्र का महत्व

भारतीय ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पुष्य नक्षत्र को सबसे ज्यादा शुभ नक्षत्रो में एक माना जाता है इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा होते है अतः आज सिद्ध योग नक्षत्र के उदित होने के समय ज्योतिष परामर्श देखकर आज सभी शुभ कार्य कर लेना चाहिए , पुष्य शब्द का अर्थ होता सौन्दरता , शुभता और प्रसन्नता का भी ये प्रतिक होता है
शुभ और सुन्दर होने के इस नक्षत्र के संकेत मिलते है । इस बार खरीदी के लिए कई शुभ योग है क्योकि इस बार का पुष्य नक्षत्र शुक्रवार को पढ़ रहा है इसीलिये इस वार का पुष्य नक्षत्र शुक्र-पुष्य कहलायेगा । पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रो का राजा माना जाता है इसीलिये इसे खरीदी के लिए सबसे शुभ माना जाता है कार्तिक महीने में सर्वार्थसिद्धि योग में यह नक्षत्र सभी प्रकार के सुखो को लेकर आता है । इस बार यह सौन्दर्या सजावट के लिए ख़ास माना जा रहा है !

क्या क्या खरीदना होगा सुबह इस पुष्य नक्षत्र में -:

१.रियाल स्टेट के क्षेत्र के लिए विशेष लाभकारी !
२. सजावटी, सौंदर्या सम्बन्धी चीज़ो की खरीदारी करना शुभ !
३. प्रतियोगी परीक्षा या नौकरी के लिए आवेदन भरना शुभ ।
४. किसी प्रकार के दस्तावेजों में आज हस्ताक्षर करना हो तो आज का दिन अत्यंत सुबह है ।
५. सोने छाँड़ि के आभूषण, बर्तन खरीदना शुभ ।
६. इलेक्ट्रॉनिक वस्तुए , नए वाहन खरीद सकते है ।
नोट-: १.इस योग के समय किसी भी प्रकार का शुभ कार्य का प्रारम्भ किया जाये तो वह निर्विघ्न पूरा हो जाता है

२. राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार की खरीदारी ना करे ! जो की आज सुबह 11:50 को समाप्त हो रहा है

पुष्य नक्षत्र 2017 विशेष के मुहर्त-:


पुष्य नक्षत्र सुबह 07:46 से अगले दिन 06:58 तक।
कार्तिक कृष्ण पक्ष, शुक्रवार को सुबह 07:46 से सिद्ध योग के तथा कर्क राशी में महासंयोग।
इस दिन नवमी रात्रि 03:22 तक रहेगी।
राहुकाल – 10:22 से 11:50 तक
अभिजित मुहूर्त – 11:26 से 12:13 तक
लाभ- 7:27 से 8:54
अमृत- 8:54 से 10:22
शुभ- 11:50 से 13:16
चर- 16:12 से 17:40
लाभ- 20:45 से 22:17
स्थिर लग्न
वृश्चिक- 08 : 33am से 10:50 am
कुम्भ- 02:41 pm से 04:12 pm
वृषभ- 07:18 pm से 9:18 pm

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Ahoi Mata Ki Aarti।अहोई माता की आरती

धनतेरस मुहूर्त ,सामग्री ,पूजा विधि महत्व के सहित सम्पूर्ण जानकारी एवं कुछ ज्योतिष उपाए